सबसे खतरनाक होता है…

सबसे खतरनाक होता है
शब्दों का होना
पर कविता का न आना।
आँख बंद करना
पर नींद का नहीं आना।
सबसे खतरनाक होता है…
सपनों का होना
पर चलती राह में कहीं भटक जाना
भीड़ में खुद का खो जाना
सबसे खतरनाक होता है
सब कुछ जानना….और जानते हुए कुछ ना कर पाना।।

(This poem I wrote is a random reflection after I read the original सबसे_ख़तरनाक by Avtar Singh Sandhu ‘Pash’. The link to this poem is http://kavitakosh.org/kk/%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87_%E0%A4%96%E0%A4%BC%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%95_/_%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B6)

शब्द के आडम्बरों में अर्थ मेरा खो न जाये. Engineer,Ex-Fellow-Teach for India,Quizzing enthusiast, Runner, Like to write poems...and proud Indian.

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Aaditya Tiwari

Aaditya Tiwari

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